यूकेश चंद्राकर
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के साथ एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे थे । पुलिस लाईन के हेलीपेड में जिले के कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों और भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने दोनों मंत्रियों का स्वागत किया । विजय शर्मा और टंकराम वर्मा बस्तर में आयोजित “बस्तर ओलंपिक्स” खेलों में शिरकत करने पहुंचे थे ।

उन्होंने मिनी स्टेडियम पहुंचकर बस्तर ओलंपिक खेलकूद के आयोजन के प्रतिभागी युवा खिलाड़ियों, नर्तकों और स्कूली छात्र छात्राओं से मुलाकात की, उद्बोधन दिया, रस्साकसी की कबड्डी और वालीबॉल के खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया ।
गृहमंत्री के समक्ष रायपुर से आई नुक्कड़ मंडली ने नक्सलवाद के क्रूरता पर आधारित नाटक का मंचन किया, यह नाटक सच के इतने क़रीब था कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने कलाकारों को मंच पर बुलाकर सम्मान करते हुए कलाकारों का मनोबल बढ़ाया ।
गृहमंत्री ने खिलाड़ियों और बस्तर के लोगों को संबोधित करते हुए नक्सलवाद पर बड़ा बयान दिया । उन्होंने कहा कि, 31 मार्च 2026 का दिन भले ही दूसरों के लिए आम दिन हो सकता है लेकिन यह दिन बस्तर के लिए आजादी का दिन होगा क्योंकि इस दिन बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की अब तक की रणनीतियों और गतिविधियों पर नज़र डाली जाए तो गृहमंत्री विजय शर्मा का ये बयान सच साबित होता हुआ भी ज़रूर नजर आता है ।
आगे अपने संबोधन में उन्होंने तेलंगाना सरकार की मंत्री सीतक्का के बारे में ज़िक्र किया, उन्होंने कहा कि, एक दीदी हैं, सीता दीदी ! तेलंगाना में मंत्री हैं ! वो भी पहले नक्सली थी । दरअसल सीतक्का तेलंगाना सरकार में एक मंत्री हैं जो पहले नक्सल संगठन में बंदूक लेकर चलती थीं ।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने आगे कहा कि, बाद में उन्हें समझ में आया कि यह सही रास्ता नहीं है इसीलिए उन्होंने सरेंडर किया, चुनाव लड़ा और विधायक बनी। इस समय वे तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं और कई तरह के जनहित के लोकहित के कार्य कर रही हैं ।
विजय शर्मा के इस बयान के पहले, खेल और युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी अपने उद्बोधन में कुम्हार और मिट्टी की एक कहानी सुनाते हुए गहरी बात कही कि अगर आपके विचार बदल जाते हैं तो जीवन ही बदल जाता है ।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी विचारधारा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, चीन की विचारधारा चीन में ही विफल हो गई है तो बस्तर में कैसे सफल हो सकेगी ? बस्तर में सड़कों का विरोध, पुल पुलियों का विरोध, स्कूल भवनों का विरोध और स्कूल भवनों को बम में उड़ाना, ये सारी चीजें बंद होनी चाहिए और बस्तर में शांति स्थापित होनी चाहिए। इसीलिए आने वाला समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मनसा अनुसार मार्च 2026 बस्तर की आजादी का दिन होगा। उन्होंने जिले में संचालित स्पोर्ट्स अकादमी और खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि, बीजापुर के युवा चीन और जापान तक जाकर खेलों में जीत दर्ज कर चुके हैं और यही वह युवा हैं जो आने वाले समय में बीजापुर को देश दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे।
अपने उद्बोधन के बाद, विजय शर्मा पुलिस विभाग की टीम की ओर से रस्साकस्सी में भी हिस्सा लिया और अपनी टीम को जीत भी दिलाई जबकि, टंकराम वर्मा राजस्व विभाग की तरफ से खेलते हुए हार गए ।

