यूकेश चंद्राकर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में दो दिवसीय प्रवास के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पहले दिन उन्होंने चित्रकोट में आयोजित बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की और सेड़वा में सीआरपीएफ 241 बस्तरिया बटालियन के हेडक्वार्टर का दौरा किया। यहां उन्होंने महिला कमांडो और जवानों से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने और नक्सल मुक्त बस्तर के लिए उनकी भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ भोजन भी किया और कैंप में ही रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री का जवानों के साथ बिताया जाने वाला यह समय इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह जिस दिशा में इशारा करता है वहां नक्सलवाद के खात्मे की प्रतिबद्धता और उद्देश्य दिखाई देते हैं ।
बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में 75 करोड़ का बजट पास
चित्रकोट में आयोजित प्राधिकरण की बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 75 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया। सात एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें योजनाओं के क्रियान्वयन, माइनिंग फंड के उपयोग, और विकास कार्यों की समीक्षा शामिल थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली की कमी को सोलर ऊर्जा से दूर किया जा रहा है और औद्योगिक पार्क व सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जैसे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।
विरोध और आलोचना
कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने बैठक को “ढकोसला” बताते हुए आलोचना की। उन्होंने कहा कि बैठक में नक्सलवाद और बस्तर के मूलभूत मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। साथ ही, सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल की योजना निरस्त करने को जनता के साथ धोखा बताया। लखमा के ये बयान जहां एक तरफ राजनीतिक दिखाई देते हैं वहीं 75 करोड़ के बजट पर सवाल पूछते नज़र आते हैं कि क्या ये बजट ऊंट के मुंह में जीरा की कहावत को यथार्थ नहीं कर रहा है ?
दंतेवाड़ा में सपत्नीक पूजा और पत्रकार वार्ता

दूसरे दिन मुख्यमंत्री दंतेवाड़ा पहुंचे और माता दंतेश्वरी के दर्शन किए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मोतियाबिंद ऑपरेशन कांड और पीएससी घोटाले पर अपनी सरकार की सख्त नीति का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है, और उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

