प्रधानमंत्री आवास योजना सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की अद्भुत मिसाल

अपना आशियाना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद है, राहत है, रोशनी और खुशी

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना का दिखाई दे रहा कारगर असर

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 26 लाख से अधिक परिवारों को पक्के आवास की सौगात

प्रथम कैबिनेट में आगे बढ़ाए गए 18 लाख 12 हजार आवास, ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 11 लाख 78 हजार आवास पूर्ण

आवास प्लस 2.0 के नए सर्वे के अंतर्गत भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को करीब 3.65 लाख नए आवासों का मिला लक्ष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 2 लाख 43 हजार स्वीकृत आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवास हुए पूर्ण

डॉ. उषा किरण बड़ाईक
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 21 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की अद्भुत मिसाल है। परिवर्तन की यह बयार ग्रामीण क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव लेकर आ रही है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दराज के क्षेत्रों तक पक्के आवास दिखाई देने लगे हैं और व्यापक पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना का कारगर असर दिखाई दे रहा है। ऐसे परिवर्तन के बहुत मायने हैं। यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद है, राहत है, रोशनी और खुशी है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलने पर जनमानस के जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनी है। राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए शिद्दत से कोशिश की गई है। जिंदगी भर अपने पक्के आवास का सपना देखने वाले गरीब एवं जरूरतमंद परिवार थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं, लेकिन फिर भी अपना पक्का घर बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। ऐसे में जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का संबल मिला, तो उन्हें अपने घर के सपने को पूरा करने का हौसला मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकहितैषी योजनाओं से जनसामान्य को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। पक्का आवास मिलने पर जनसामान्य को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

प्रथम कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को पीएम आवास देने का निर्णय लिया गया। अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों के लिए विशेष परियोजना के तहत केंद्र सरकार से 15,000 आवासों की स्वीकृति मिली। इनमें से राज्य में 5,600 आवास स्वीकृत हुए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 47 हजार हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किए गए थे। नवीन सरकार के गठन के बाद इस श्रेणी के 39,000 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 24,000 आवास पूर्ण हो चुके हैं।

वर्ष 2024 का नया सर्वे

वर्ष 2024 में आवास प्लस 2.0 का नया सर्वे किया गया। 11 सितंबर 2026 को भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को करीब 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 2 लाख 43 हजार स्वीकृत आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवास पूर्ण हुए हैं। पूर्ण आवासों में बीएलसी घटक के 1,93,175 आवास एवं एएचपी घटक के 29,267 आवास शामिल हैं।

पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य की प्रगति

बीएलसी घटक के अंतर्गत 75,709 आवास पूर्ण किए गए। वहीं, एएचपी घटक के 13,082 आवास पूर्ण हुए हैं। एएचपी घटक में 14,687 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए हैं। एएचपी घटक में 12,530 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में बसाया गया है। आवास निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 909 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के तहत क्षेत्रों में 1.32 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत सभी शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान निरंतर जारी है। इसके लिए तकनीक आधारित सर्वे और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 71,416 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 4,129 आवास पूर्ण हुए हैं, वहीं 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। इसके लिए नगरीय निकायों को 533.93 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जनसामान्य वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में जीवन व्यतीत करते रहे हैं। बारिश के दिनों में विभिन्न तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। टपकती छत, दीवारों में सीलन, गर्मी और ठंड से बचाव की कठिनाइयां तथा असुरक्षित आवास जैसी समस्याएं रही हैं। ऐसे परिवारों के लिए पक्का मकान केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी बदलाव का माध्यम है। बुनियादी सुविधाएं सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन लेकर आ रही हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जनसामान्य को स्वच्छ पेयजल, राशन, गैस चूल्हा व सिलेंडर, बिजली और शौचालय जैसी अन्य सुविधाएं मिलने से आवास की महत्ता एवं उपयोगिता बढ़ जाती है तथा जीवन स्तर में उन्नयन के साथ विकास की दिशा में प्रगति होती है।

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