बीजापुर, 26 नवंबर 2024 – माओवादियों के प्रभाव वाले कोर क्षेत्र ‘‘जिडपल्ली” में छत्तीसगढ़ शासन ने एक नया सुरक्षा कैम्प स्थापित कर न केवल नक्सल उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है, बल्कि क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं भी खोली हैं। यह कैम्प “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करना और विकास कार्यों को गति देना है।
जिडपल्ली जैसे माओवादी गतिविधियों के लिए सुरक्षित कहे जाने वाले क्षेत्र में कैम्प स्थापित करना सुरक्षा बलों के साहस और रणनीतिक कौशल का परिचायक है। यह कैम्प माओवादियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई में एक मील का पत्थर साबित होगा।
जिडपल्ली कैम्प की स्थापना से माओवादियों के पीएलजीए बटालियन के प्रभाव को कमजोर करने में मदद मिलेगी। इस पहल से ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीवनस्तर सुधरेगा।

कैम्प स्थापना के साथ ही केरिपु मेडिकल यूनिट ने मेडिकल कैम्प लगाकर स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। ग्रामीणों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। यह पहल न केवल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि जनसंपर्क को भी मजबूत करेगी।
नए कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने इसे शासन और सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि बताया, जो न केवल सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।
इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, और सीआरपीएफ व कोबरा बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मार्गदर्शन और नेतृत्व इस ऐतिहासिक पहल के पीछे रहा है।
नया सुरक्षा कैम्प “जिडपल्ली” न केवल नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास के लिए एक नई उम्मीद भी है।

