विश्व युवा कौशल विकास दिवस : कौशल से सशक्त युवा, विकसित छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम

विश्व युवा कौशल विकास दिवस
  •    लक्ष्मीकांत कोसरिया, उप संचालक

रायपुर, 15 जुलाई 2026

“कौशल ही आज के समय की सबसे बड़ी पूंजी है। जिस युवा के पास हुनर है, उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है।” इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की विशा में लगातार कार्य कर रही है।

विश्व युवा कौशल विकास दिवस के अवसर पर यह कहना सार्थक होगा कि छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

लगभग पांच लाख युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्ष

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रारंभ से अब तक प्रदेश के 4 लाख 94 हजार 330 युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इनमें से 2 लाख 74 हजार 934 युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। वर्तमान में योजना के अंतर्गत राज्यभर में 375 व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रवाता (199 शासकीय एवं 176 अशासकीय) के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 9 हजार 418 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 7 हजार 528 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है, जबकि 6 हजार 679 युवा वर्तमान में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

बदलते दौर के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रम

राज्य सरकार ने युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण में व्यापक बदलाव किए हैं। अब पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मेंटेनेंस, ड्रोन ऑपरेटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (AI-ML), साइबर सुरक्षा, सूर्यमित्र (सौर ऊर्जा) जैसे 21 वीं सदी के अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इस वर्ष विशेष रूप से जल वितरण संचालक (Water Distribution Operator) कोर्स प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 2,770 युवाओं को मल्टी-स्किल प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है।

गुणवत्ता पर विशेष जोर

छत्तीसगढ़ में कौशल विकास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

अब प्रत्येक प्रशिक्षक के लिए शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के साथ प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (Training of Trainers-TOT) प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है। 

प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए मूल्यांकन से पहले कम से कम सात दिवस का ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) अनिवार्य किया गया है, जिससे उन्हें उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

प्रशिक्षण केंद्रों में फेस आधारित ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। साथ ही सभी प्रशिक्षण केंद्रों में आई.पी. आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रशिक्षण गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है। इन व्यवस्थाओं से पारदर्शिता बढ़ी है तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन में सुधार हुआ है।

प्रशिक्षण के साथ रोजगार की भी गारंटी

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं के रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षण संचालन की अनुमति देने से पहले प्रत्येक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं का परीक्षण किया जाता है। परीक्षण के बाद ही प्रशिक्षण संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्रों को मिलने वाली राशि का 60 प्रतिशत भुगतान तभी किया जाता है, जब प्रशिक्षित युवाओं का नियोजन सुनिश्चित हो जाता है। यह व्यवस्था प्रशिक्षण संस्थानों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने के लिए प्रेरित करती है।

करने का अवसर मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में 19 कौशल ट्रेडों में आयोजित जिला एवं राज्य स्तरीय इंडिया स्किल प्रतियोगिता में 3,327 युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तर तक पहुंचे। ईस्ट जोन क्षेत्रीय प्रतियोगिता, भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के 38 प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सहित कुल 12 पदक अर्जित किए।

वहीं राष्ट्रीय स्तर की इंडिया स्किल प्रतियोगिता में राज्य के 03 प्रतिभागियों ने प्रतिनिधित्व किया, जिनमें से 01 प्रतिभागी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सफल आयोजन के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *