हैंडलूम इकोसिस्टम को सशक्त बनाने राज्य सरकार की पहल

हैंडलूम इकोसिस्टम को सशक्त बनाने राज्य सरकार की पहल

कोसा उद्योग के आधुनिकीकरण, नवाचार और बाजार विस्तार पर हुआ मंथन

रायपुर, 14 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध हाथकरघा एवं कोसा परंपरा को आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर बाजार से जोड़कर नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी), जांजगीर-चांपा में हैंडलूम इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्टेकहोल्डर्स मीट आयोजित की गई। बैठक में कोसा उद्योग के समग्र विकास, संस्थागत क्षमता वृद्धि, कौशल विकास, अनुसंधान, डिजाइन नवाचार तथा विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कोसा उद्यमियों, बुनकरों, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा रेशम, हाथकरघा, उद्योग एवं बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान को केवल प्रशिक्षण केंद्र तक सीमित न रखते हुए इसे उद्योग, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता का उत्कृष्ट केंद्र बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि जांजगीर-चांपा को पारंपरिक कोसा एवं हाथकरघा उद्योग की पहचान के साथ आधुनिक तकनीक और कौशल विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्थानीय युवाओं, बुनकरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित करने पर जोर देते हुए संस्थान को उद्योगों से जोड़ने तथा रोजगारोन्मुखी गतिविधियों का विस्तार करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में संस्थान में आधुनिक मशीनों की स्थापना, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने, नए डिजाइन विकसित करने, उद्योगों के साथ साझेदारी स्थापित करने, विपणन नेटवर्क को सुदृढ़ करने तथा भविष्य में संस्थान परिसर में उत्पादन इकाई विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कोसा उद्यमियों एवं बुनकरों ने उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं, बाजार की मांग, उत्पाद गुणवत्ता, डिजाइन नवाचार तथा विपणन से जुड़े सुझाव साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि पारंपरिक बुनकरी को आधुनिक तकनीक और समकालीन डिजाइन से जोड़कर छत्तीसगढ़ के कोसा उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत किया जा सकता है।

बैठक में जांजगीर-चांपा में प्रतिवर्ष हैंडलूम फेस्टिवल आयोजित करने, स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर हाथकरघा क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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