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विकास की नई कहानी लिख रहा बस्तर

विशेष लेख : विकास की नई कहानी लिख रहा बस्तर
  • नसीम अहमद खान
  • उप संचालक, जनसंपर्क

रायपुर , 23 मई 2026

विशेष लेख : विकास की नई कहानी लिख रहा बस्तर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। 146 सड़क और पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में कई महत्वपूर्ण सड़क और पुल निर्माण कार्य पूरे हुए हैं। रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3513 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा कोत्तवलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है।

सिंचाई क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में 2024 करोड़ रुपये की लागत से बैराज और 68 किलोमीटर लंबी नहर निर्माण की योजना है। इससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कांकेर का मेढकी बैराज, बीजापुर की मट्टीमारका डायवर्सन योजना और बस्तर का महादेवघाट बैराज भी स्वीकृत हो चुके हैं।

अब बस्तर की पहचान सिर्फ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं रह गई है। चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और धुड़मारास गांव जैसे स्थान देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। होमस्टे और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। युवाओं को अब गांव छोड़ने की जरूरत कम पड़ रही है। सरकार अब अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की तैयारी कर रही है। साथ ही एग्रो-प्रोसेसिंग और वन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

आज बस्तर का युवा बंदूक नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल और रोजगार को अपना भविष्य मान रहा है। महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, किसान नई खेती की ओर बढ़ रहे हैं और गांवों में उम्मीद की नई रोशनी दिखाई दे रही है। बदलते बस्तर की यह तस्वीर साफ संकेत देती है कि नक्सलवाद अब धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में सिमटता जा रहा है।

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